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“बस्ती स्वास्थ्य विभाग में ‘गांधी’ का कमाल: रेट चुकाइए और अधीक्षक की कुर्सी पाइए!”

"बस्ती में कुर्सी की सेल: जूनियर बन रहे साहब, सीनियर देख रहे राह—धन्य हैं सीएमओ साहब!"

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। बस्ती: स्वास्थ्य विभाग में ‘गांधी’ के दम पर ‘कुर्सी’ का खेल, शासनादेश ताक पर।।

बुधवार 21 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।

बस्ती।। जनपद का स्वास्थ्य महकमा इन दिनों अपने इलाज से ज्यादा ‘कुर्सियों की सेल’ को लेकर चर्चा में है। आरोप है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में नियमों की फाइलें धूल फांक रही हैं और अधीक्षक (अधीक्षक) की कुर्सी के लिए योग्यता से ज्यादा ‘गांधी जी’ (रिश्वत) के प्रति प्रेम मायने रख रहा है।

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💫नियमों की बलि, रसूखदारों की चांदी

शासन का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का प्रभारी या अधीक्षक केवल लेवल-3 के अधिकारी को ही बनाया जा सकता है। यह नियम इसलिए बनाया गया ताकि अनुभवी और वरिष्ठ चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर संचालन कर सकें। लेकिन बस्ती जनपद में कहानी कुछ और ही बयां कर रही है। आरोप है कि यहाँ जूनियर और सीनियर का अंतर खत्म हो चुका है। बस आपकी जेब गरम होनी चाहिए और सीएमओ साहब की कृपा, फिर ‘लेबल’ चाहे जो हो, कुर्सी आपकी है।

💫शासनादेश बना मजाक

विभागीय गलियारों में चर्चा है कि शासनादेश को दरकिनार करना यहाँ की परंपरा बन चुकी है। कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर जूनियर डॉक्टरों को अधीक्षक की कमान सौंपी जा रही है। सवाल यह उठता है कि क्या योग्य और वरिष्ठ डॉक्टरों की कमी है, या फिर यह ‘गांधी जी’ के प्रति अटूट प्रेम का परिणाम है?

“जब रक्षक ही नियमों का भक्षक बन जाए, तो आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद कैसे होगी? जिले में अधीक्षक की कुर्सी अब जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सौदा बन गई है।”

💫भ्रष्टाचार की बू से जनता बेहाल

जब नियुक्तियां ही लेनदेन और सेटिंग के आधार पर होंगी, तो अस्पताल के भीतर मरीजों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के इस ‘कुर्सी खेल’ ने ईमानदार डॉक्टरों का मनोबल तोड़ दिया है। जिले के आला अधिकारियों और शासन को इस ओर ध्यान देने की सख्त जरूरत है कि आखिर किस आधार पर अपात्रों को महत्वपूर्ण पदों से नवाजा जा रहा है।

अब देखना यह है कि क्या शासन इन ‘गांधी प्रेमी’ अधिकारियों पर लगाम कसता है या बस्ती का स्वास्थ्य विभाग यूं ही नियमों की धज्जियां उड़ाता रहेगा।

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